"पैनी नजर तीखी सोच"
>>>झाँसी जनपद में विज्ञापन के लिए संपर्क करे-पंकज कुमार भारती(जिला संवाददाता) MO-                     >>>झाँसी जनपद में विज्ञापन के लिए संपर्क करे-(नगर संवाददाता)= रवि साहू MO-                     >>>-कानपुर जनपद में विज्ञापन के लिए संपर्क करे- मनोज सिंह मो-9452159169                     >>> - पूरे महाराष्ट्र में विज्ञापन के लिए संपर्क करे- एस पूजा श्रीवास्तव MO-8689856954                     >>>-जालौन जनपद में विज्ञापन के लिए संपर्क करे- रंजीत सिंहMO-8423229874                     >>>-झाँसी जनपद में विज्ञापन के लिए संपर्क करे- कमलेश चौबे-MO-9935326375                     >>>हमीरपुर जनपद में विज्ञापन के लिए संपर्क करे- शशिकांत शांकवार MO-9450263952                     >>>- पूरे देश में विज्ञापन के लिए संपर्क करे-सुनीता सिंह (H.R)SONI NEWS-MO-9415596496                     >>>-विज्ञापन-देश के हर जनपद में रिपोर्टर की आवश्यकता है संपर्क करे-9935930825-9415596496-soninewsassement@gmail.com-                     
  Welcome Dear :: News Details
 
146 साल पुराना देशद्रोह कानून खत्म करने की तैयारी,
Date: 2016-Mar-17, Thu   |   Time: 10:36:08   |   SONI News
 
नई दिल्ली. कई पार्टियों के सांसदों ने इंडियन पीनल कोड यानी आईपीसी की 146 पुरानी देशद्रोह से जुड़ी धारा-124 (ए) हटाने की मांग की है। इस पर राजनाथ सिंह का कहना है कि लॉ कमीशन इसका रिव्यू कर रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ऑल पार्टी मीटिंग बुलाकर सभी की राय ली जाएगी।

राजा ने पूछा कन्हैया के खिलाफ देशद्रोह की धारा क्यों...

- कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के डी. राजा ने बुधवार को राज्यसभा में सवाल किया कि कन्हैया कुमार के खिलाफ देशद्रोह की धारा लगाने का क्या मतलब है?
- इस पर गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि मामला कोर्ट में है, इसलिए कमेंट करना सही नहीं होगा।
- कम्युनल मामले भड़काने को भी देशद्रोह से जुड़ी धारा के दायरे में लाने के सवाल पर राजनाथ ने मेंबर्स को भरोसा दिलाया कि इस तरह के मामलों में सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी।

तीन साल से उम्रकैद तक हो सकती है

- आईपीसी की धारा 124-ए में देशद्रोह की दी हुई डेफिनेशन के मुताबिक, अगर कोई भी शख्स सरकार विरोधी आर्टिकल लिखता है या बोलता है या फिर ऐसी बातों का सपोर्ट करता है, या नेशनल सिम्बल्स और कांस्टीट्यूशन को नीचा दिखाने की कोशिश करता है, तो उसे तीन साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।

कब बना था ये कानून?

- सैडीशन लॉ यानी देशद्रोह कानून 1860 में बनाया गया। फिर 1870 में इसे आईपीसी में शामिल कर दिया गया।
- अंग्रेजों ने महात्मा गांधी और बालगंगाधर तिलक के खिलाफ इसका इस्तेमाल किया था।
- हैरानी की बात यह है कि अब ब्रिटेन ने यह कानून अपने देश से हटा दिया है, लेकिन भारत में यह आज भी मौजूद है।
सबसे ज्यादा केस बिहार में

- गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजु ने राज्यसभा में बताया कि देशद्रोह के सबसे ज्यादा मामले बिहार में दर्ज किए गए हैं।
- बिहार में दर्ज 16 मामलों में 28 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद झारखंड, केरल और ओडिशा का नंबर आता है।
कन्हैया की इंट्रिम बेल कैंसल करने पर सुनवाई आज
- कन्हैया की इंट्रिम बेल रद्द करने को लेकर दायर पिटीशन अब दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के पास पहुंच गई है। सुनवाई बुधवार को होना थी, लेकिन अब गुरुवार को होगी।
- दूसरी ओर, 23 फरवरी से जेल में बंद उमर खालिद, अनिर्बान भट्टाचार्य की बेल पर दिल्ली की एक कोर्ट ने फैसला 18 मार्च तक सुरक्षित रखा है।



Comment Box

  
                                                                                 
     

लखनऊ में नेहा धूपिया ने फैशन शो में की शिरकत


full story



Advertisement
Advertisement

Today's Images

News Poll

 

SMS Alert Subscription

Follow Us